चिंतन का अर्थ ,सोपान ,परिभाषा ,प्रकार व विशेषताएं

आज इस आर्टिकल में Psychology के महत्वपूर्ण टॉपिक “चिंतन (Thinking In Hindi) ,चिंतन की विशेषताएं व प्रकार ,परिभाषा” के बारे में जानेंगे।

चिंतन की परिभाषा (Thinking In Hindi)

चिंतन का अर्थ ,सोपान ,परिभाषा ,प्रकार व विशेषताएं
चिंतन
चिंतन एक ऐसी संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जिसमें वातावरण से मिलने वाली सूचनाओं का मानसिक जोड़-तोड़ (Mental Manipulation) किया जाता है।

कुछ मनोवैज्ञानिक चिंतन को मधयस्थ प्रक्रिया मानते है जो उद्दीपक (समस्या) तथा अनुक्रिया (समाधान) के बीच में होती है।

Baron के अनुसार - "चिंतन की प्रक्रिया सूचनाओं, संप्रत्ययों, प्रतिमाओं, विचारों आदि का मानसिक जोड़-तोड़ किया जाता है।"- 

चिंतन की विशेषताएँ 

  1. चिंतन की शुरूआत उस समय होती है जब हमारे सामने कोई समस्या होती है।
  2. चिंतन की प्रक्रिया में व्यक्ति समस्या के सभी पहलुओं को संयोजित करता है।
  3. चिंतन मे गत अनुभव (Past Experience) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  4. चिंतन मे प्रयास व त्रुटि (Trial And Error) का प्रयोग होता है।
  5. चिंतन में अभिप्रेरणा (Motivation) का भी योगदान है। (सभी चिंतन लक्ष्य निर्देशित होते हैं।)
  6. चिंतन में भाषा का भी योगदान होता है।
  7. चिंतन में प्रतिमा (Images) का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
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चिंतन के प्रकार

ज़िम्बार्डो व रुख (Zimbardo or Rukh) के अनुसार चिंतन के 2 प्रकार है।

स्वली चिंतन (Autistic Thinking)

यह काल्पनिक चिंतन है जिसमें समस्या का वास्तविक समाधान नहीं होता है। जैसे- बेरोजगार युवक का कल्पना मे IAS बन जाना।

यथार्थवादी चिंतन (Realistic Thinking)

चिंतन के इस रूप में समस्या का वास्तविक समाधान ढूंढा जाता है। 

ज़िम्बार्डो व रुख यथार्थवादी चिंतन के तीन प्रकार बताते हैं।

अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking) 

इसमे समस्या का केवल एक समाधान अथवा एक ही उत्तर होता है।

यह केन्द्रानुमुख चिंतन है जिसे बंद उत्तर चिंतन (Close-end Thinking) भी कहते हैं।

अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) 

चिंतन के इस रूप में समस्या के अनेक समाधान निकलते है।

यह केन्द्र से सिरों की और होता है अत: इसे मुक्त उत्तर (Open End) अथवा आउट ऑफ द बॉक्स अथवा सृजनात्मक चिंतन भी कहते है।

आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) 

चिंतन के इस रूप में गुण-दोष परखने के बाद अथवा सभी पक्षों पर विचार करने के बाद निष्कर्ष निकालते है।

तो आशा करते है आपको “चिंतन (Thinking In Hindi)” के बारे में दी गयी जानकारी समझ आयी होगी।अगर पसन्द आयी है तो शेयर करना न भूले।

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में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।

   

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