Mutual Fund क्या है और म्यूच्यूअल फण्ड कितने प्रकार के होते है?

अगर आपकी फाइनेंसियल स्थिति सही है तो आप अपनी बचत को कही पर Invaest करना ज़रूर पसन्द करते होंगे।भारतीय लोग सबसे ज्यादा बचत को बैंक में डालना पसन्द करते है जिस पर सामान्यत: 6-8% Return मिलता है लेकिन Investment की बात की जाए तो अन्य कई विकल्प Market में उपलब्ध है जहाँ पर invest किया जा सकता है।इनमे Share Market, Mutual Fund, fixed Deposit, Sip आदि प्रमुख है।
आज हम इस आर्टिकल में Mutual Fund के बारे में बात करने जा रहे है।आप इस आर्टिकल में Mutual Fund क्या है?, Mutual Fund कितने प्रकार के होते है?, Mutual Fund India में Invest करते समय किन बातों का ध्यान रखे?,के बारे में जानेंगे।तो पूरा आर्टिकल ज़रूर Read करे।

म्यूच्यूअल फंड क्या है (what is the Mutual fund):-

आज हम बात करेंगे Mutual Fund के बारे में Mutual Fund दो शब्दों से मिलकर बना है!

              ✓ Mutual= पारस्परिक ,
                    Fund= धन✓
अर्थात निवेशक द्वारा किसी कंपनी  में जमा किया गया धन सामूहिक रूप से mutual fund कहलाता है!म्यूच्यूअल फंड, किसी विशेष प्रबंधक या कंपनी मैनेजर के पास जमा कराया जाता है!कंपनी मैनेजर उस फंड को इन्वेस्ट करता है!निवेशकों द्वारा कंपनी के यूनिट खरीदे जाते हैं और Par Unit के अनुसार Return दिया जाता है!

यूनिट क्या है (What is unit)
माना की कूल Market Cap एक करोड़ का है जिसकी Par Unit वैल्यू ₹10 है धन को  कंपनी द्वारा समान अनुपात में बांट दिया जाता है।अब इनके टुकड़े कर दिए जाते हैं (1,000,0000/10=1,000,000) इस तरह 10 लाख यूनिट प्राप्त होते हैं।निवेशक अपने अनुसार ₹10 की वैल्यू में यूनिट खरीद सकता है,जैसे 10,000=“1000Unit”।

अगर कंपनी को 2000000 का मुनाफा होता है तो यूनिट की कीमत 10 से12 हो जाती है और रिटर्न (10000*12) “12000” प्राप्त होगा!

Mutual-Fund-Kya-Hai-Aur-mutual-Fund- India-ke-Types
Mutual Funds 



म्यूचुअल फंड के प्रकार (Tpyes of Mutural Fund)

म्यूच्यूअल फंड सामान्यत 7 प्रकार का होता है!जिनके बारे में हम बात करेंगे!म्यूच्यूअल फंड के प्रकार,Market में अलग अलग प्रकार के उपस्थित होते हैं!अलग अलग प्रकार के म्युचुअल फंड की अलग अलग शर्तें होती है जिन्हें हमें सावधानीपूर्वक पढ़ लेना चाहिए!निवेशक इन्वेस्ट करने से पहले इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें।

1.Equilty Fund
Equity fund को सबसे ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है।इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड में निवेशकों के fund का ज्यादातर हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है।यह उन लोगों के लिए अच्छा होता है जो शेयर मार्केट के जोखिम को उठा सकते हैं।अगर जोखिम ज्यादा है तो रिटर्न भी अच्छा प्राप्त होता है।यहां आपको कम समय में ज्यादा लाभ मिल सकता है।इस प्रकार के फंड में निवेश,मार्केट के Capitalization  के अनुसार निवेश किया जाता है।Equilty Fund के 7 प्रकार होते हैं,आइए इनके बारे में चर्चा करें।

A.Large Cap Equality Fund
Large Cap Equallity Fund बड़ी कंपनियों में निवेश किया जाता है।बड़ी कंपनियों में धन को अधिक सुरक्षित माना जाता है।अगर आप इक्विटी फंड में रिस्क लेना पसंद नहीं करते तो Large Cap Fund एक अच्छा चुनाव है क्योंकि बड़ी कंपनियां अच्छे तरीके से स्थापित होती है और केपीटलाइजेशन में उच्च शिखर पर होती है।इनका मार्केट केपीटलाइजेशन 1,00,000 करोड से ज्यादा होता है।Example-TCS Relince Industries!

B.Mid Cap Equality Fund
इस तरह के फंड में केवल मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश किया जाता है!Large Cap की अपेक्षा,इन कंपनियों में ज्यादा जोखिम होता है लेकिन कंपनी अपनी Growth की ओर होती है तो फायदा और मुनाफा दोनों Equality   अनुपात में रहते हैं!

C.Small Cap Equality Fund
जिन कंपनियों का मार्केट केपीटलाइजेशन 5000 करोड़ से कम होता है उन्हें small cap  कंपनियां कहते हैं जैसा कि नाम से पता चलता है स्मॉल कैप इक्विटी फंड में निवेश छोटी कंपनियों में किया जाता है इन कंपनियों में falire rate  ज्यादा होती है परंतु groth rate भी अधिक होती है लेकिन यहां पर रिटर्न की रेट कई गुना बढ़ जाती है

D.सेक्टर फंड (Sector Fund)
इस तरह के Fund में किसी विशेष सेक्टर में ही इन्वेस्ट किया जाता है।सेक्टर फंड में निवेश करना,किसी जोखिम से कम नहीं है क्योंकि पूरा का पूरा किसी एक जगह पर निवेश किया जाता है।यह कंपनी के ऊपर निर्भर करता है की Fund कहा इन्वेस्ट करती है,जहां तक हो सके व्यक्ति को इस तरह के सेक्टर में कम से कम इन्वेस्ट करना चाहिए।

Reliance Media EntertainMent Fund और एसबीआई फार्मा फंड जेसी Sector Fund Companies है।

E.डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड (Diversified Equality Fund)
इस तरह इक्विटी फंड सभी प्रकार के सेक्टरों में निवेश करते हैं।इसके साथ-साथ इनका कोई Fix विकल्प नहीं होता है। इस तरह के फंड Market Capitalization के अनुसार अलग-अलग कंपनियों में निवेश करते हैं।इसका निर्धारण फंड मैनेजर के द्वारा किया जाता है।

F.डिविडेंड यील्ड फंड (Divedend Yield Fund)
Divedend Yield Fund उन कंपनियों में निवेश करते हैं  जो Stable,Safe और Low Volitile होते हैं और उन कंपनियों से लाभांश (Divedend)  प्राप्त करते हैं लेकिन निवेशकों को लाभांश देना है या नहीं।यह कंपनी काउंसलर तय करते हैं।

G. ELSS (Equalty Linked Saving Scheme)
इस तरह के फंड में इन्वेस्ट की कम से कम अवधि 3 वर्ष है।इनकम टैक्स के नियम 80C के अनुसार 1.5 लाख तक  टैक्स में छूट प्रदान की जाती है लेकिन यहां पर आपका पैसा 3 साल के लिए लॉक हो जाता है।आप अवधि से पहले पैसा नहीं निकाल सकते हैं।

2.इनकम म्युचुअल फंड (Debt mutual funds)
यह fund निवेशकों के लिए सुरक्षित माना जाता है।इस तरह के म्यूचुअल फंड में गवर्नमेंट पैसे उधार लेती है और interest के साथ वापस करती है।Depentures,Bond etc. मैं इन्वेस्ट किया गया पैसा Debt Fund कहलाता है।  सामान्य भाषा में Loan भी कहा जा सकता है।Debt Mutual Fund में Risk कम होता है लेकिन profit भी कम होता है।यह फंड कई प्रकार के होते हैं ,जिनके बारे में हम आगे बात करेंगे।

A.गिल्ट फंड (Gilt fund)
गवर्नमेंट की  सुरक्षा के लिए इन्वेस्ट किए गए फंड गिल्ट फंड कहलाते हैं।यह गवर्नमेंट से जुड़ा हुआ है इसिलए इस फंड में Risk बहुत कम होती है।Gilt Fund Short Term,Long Term दोनों प्रकार के होते हैं।

B.जंक बॉन्ड (Junk Bond)
Junk Bond,Debt Fund में डिफॉल्टर Risk High होता है लेकिन Profit भी ज्यादा होता है।

C.Fixed Maturity Plan (FMP)
इस तरह का Plan बैंक FD(Fixed Deposit) की तरह होता है।इसमें भी एक निश्चित अवधि के लिए धन जमा किया जाता है।FMP ज्यादातर कमर्शियल पेपर,कॉरपोरेट बॉन्ड मैं इन्वेस्ट करते हैं।अगर देखा जाए तो इनकी रिटर्न बैंक अकाउंट से ज्यादा होते हैं

D.लिक्विड फंड (Liquid Fund)
इस तरह के फंड की अवधि कम होती है।जिन व्यक्तियों को शॉर्ट टर्म के लिए पैसे निवेश करने हैं,उनके लिए यह अच्छा चुनाव है।बड़ी रकम को इन्वेस्ट करने के लिए लिक्विड फंड एक अच्छा ऑप्शन है।आंकड़ों की मानें तो पिछले 2 सालों में लिक्विड फंड 6.56 फीसदी रिटर्न दिया है जबकि बैंकों से 3.5 फ़ीसदी ब्याज प्राप्त होता है।अच्छी बात यह है कि आप लिक्विड फंड से कभी भी अपना पैसा निकाल सकते हैं।इस तरह के fund को धीरे-धीरे SIP (Systmatic Investement Plan) मैं भी निवेश किया जा सकता है।देखा जाए तो यह सबसे उतार-चढ़ाव वाला फंड है जिसमें Risk का Chance बहुत कम होते हैं।

3.हाइब्रिड फंड (Hybrid Fund)
हाइब्रिड फंड दो प्रकार के म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं।जैसे Equality और Debt Fund,यह एक प्रकार से इन्वेस्ट का Combo होता है।Value Stock ,इसे मार्केट में गिरावट से सुरक्षा प्रदान करते हैं और Growth Stock रिटर्न में मदद मिलती है।यहां राशि को अलग-अलग में बांट दिया जाता है।किसी से मार्केट में गिरावट आने पर सुरक्षा बनी रहती है।हाइब्रिड फंड के प्रकार के बारे में हम आगे चर्चा करेंगे।

A.Monthly Income Plane (MIP)
इस फल का अधिकांश भाग debt fund में इन्वेस्ट किया जाता है (60-90%) बाकी का equality fund में इन्वेस्ट किया जाता है इक्विटी फंड में इन्वेस्ट कम होने के कारण रिश्तों का chance कम हो जाता है लेकिन 100% सुरक्षित नहीं है


B.बैलेंसड फंड (balanced fund)
शायद आपको नाम से पता चल गया हो किसका 50  50% भाग इन्वेस्ट किया जाता है लेकिन ऐसा नहीं है बैलेंस फंड में 65 -80%  भाग इक्विटी फंड में इन्वेस्ट किया जाता है इसका फायदा यह है कि इक्विटी से अच्छे रिजल्ट प्राप्त होते हैं व डेट फंड इसे सुरक्षा प्रदान करता है

C.आर्बिट्राज फंड (Arbitrage fund)
इस फंड में किसी Assent को खरीदा और बेचा जाता है।जैसे कि मान ले किसी मार्केट  मै BSE/NSE(स्टॉक मार्केट) में कीमत 100 रुपए है और Derivative market में कीमत ₹105 तो इसके बीच में होने वाला मुनाफा कंपनी को जाता है और इस तरह रिटर्न प्राप्त किया जाता है।इसमें पैसा कहीं अधिक सुरक्षित रहता है इनमें Return लगभग 5 से 10% के बीच होते हैं।
इसके अलावा अगर देखा जाए तो म्यूच्यूअल फंड Structure के अनुसार दो Type होते हैं

Open Ended Fund और Close Ended Fund।इसके साथ साथ Interval Fund भी होता है।

Open Ended Fund में निवेशक कभी भी अपने यूनिट buy और sell कर सकते हैं लेकिन Close ended fund  में आप बीच में यूनिट Sell नहीं कर सकते।आपको Maturity(about 3year) तक इंतजार करना होता है।

अधिक से देखा जाए तो ज्यादातर Fund open ended  ही होते हैं यह निवेशकों के लिए ज्यादा सुविधाजनक होते हैं


म्यूच्यूअल फंड में invest करने से पहले ध्यान योग्य बातें:-

◆म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट करने से पहले कंपनी की सभी प्रकार की शर्तों को सावधानीपूर्वक पढ़ लेना चाहिए और यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी कितना रिटर्न दे रही है और कितना प्रतिशत अपने पास में रखती है।
◆अपनी आवश्यकता के अनुसार सही म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करें अगर आपके पास ज्यादा राशि है तो लंबी अवधि वाले म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करें।
◆जहां तक हो सके तो open Ended Mutual Fund में निवेश करें जो बीच में पैसे निकालने में सुविधाजनक हो
◆ Mutual Fund बाजार के उतार-चढ़ाव पर आधारित होता है निवेश करने से पहले आप कंपनी के बारे में पता कर सकते हैं पिछले  वर्षों में कंपनी का Performance कैसा रहा है इससे आपको निवेश करने में सुविधा प्रदान होगी





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