अधिगम और परिपक्वता में अंतर 

अगर आप मनोविज्ञान के टॉपिक अधिगम में  “अधिगम और परिपक्वता में अंतर (adhigam aur paripakvata mein antar) (Difference Between Learning And Maturity In Hindi)” के बारे में जानना चाहते है तो आप बिलकुल सही पोस्ट पर है।अधिगम और परिपक्वता से जुड़े सभी Doubt इस पोस्ट में Clear हो जाएंगे।

अधिगम और परिपक्वता में अंतर

अधिगम और परिपक्वता में अंतर
अधिगम और परिपक्वता में अंतर
अधिगम (Learning)परिपक्वता (Maturity)
1.अनुभव अर्जित
2.अभ्यास से प्रभावित
3.प्रेरणा जरूरी
4.मनोशारीरिक होता है
5.बाह्य होता है।
6.सभी में अलग-अलग
7.व्यक्तिगत प्रक्रिया है।
8.वातावरण पर आधारित
9.जन्म से मृत्यु तक
उदाहरण-विद्यालय जाना, पढ़ना, लिखना, सिलाई सीखना, नैतिकता की बातें सीखना, बालक का तैरना सीखना इत्यादि।
1.जन्मजात
2.अभ्यास से अप्रभावित
3.प्रेरणा जरूरी नहीं
4.शारीरिक होता है।
5.आन्तरिक होता है।
6.सभी में समान
7.प्रजातीय प्रक्रिया है।
8.वंशानुक्रम पर आधारित
9.निश्चित समय तक ही रहती है।
उदाहरण -घुटनों के बल चलना,
खड़ा होना,
अ/आ… बोलना इत्यादि।
अधिगम और परिपक्वता में अंतर

Note: वास्तव में परिपक्वता व अधिगम का अन्तरसंबंध है, ये एक-दूसरे के लिए सहायक भी है और बाधक भी। परिपक्वता जो वंशानुक्रम के गुणों पर आधारित होती है अधिगम के लिए कच्ची सामग्री प्रदान करती है। परन्तु अभ्यास के बिना केवल परिपक्वता के आधार पर विकास नहीं हो सकता।

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Kavish Jain

में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।

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