जल संरक्षण पर निबंध | Essay on Water Conservation in Hindi

आज इस आर्टिकल में हम “जल सरंक्षण पर निबन्ध। 10 Lines Paragraph And Essay on Water Conservation in Hindi। Jal Sanrakshan Par Nibandh in 500 Words” लिखने जा रहे है।

जल संरक्षण पर निबंध | Essay on Water Conservation in Hindi

जल हमारे भविष्य के लिए बहुत ही उपयोगी है। जल के बिना जीवन संभव नही हैं।अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि जल ही जीवन है। जल का उपयोग हम पानी पीने, खाना बनाने एवं रोजमर्रा का काम पूरा करने के लिए करते है।

Essay On Water Conservation In Hindi
Essay on Water Conservation In Hindi

पृथ्वी पर जल का होना बहुत जरूरी है बिना जल के पृथ्वी की संरचना होना भी बहुत मुश्किल था। पृथ्वी पर यूं तो  71%  जल है लेकिन पीने योग्य एवं सिंचित योग्य जल सीमित है। पृथ्वी पर पीने योग्य एवं सिंचित योग्य जल केवल 3% है जो हमें नदियों, झरनों, तालाबों एवं भूजल के स्रोतों से प्राप्त होता है।  

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सौर मंडल में कुल नौ ग्रहों में से केवल एक ही ग्रह है जिसमें पानी की उपलब्धता है और वह ग्रह हमारा पृथ्वी है। जल की उपलब्धता के कारण ही हमारा जीवन है जिससे पेड़ पौधे, जीव जंतु, मनुष्य आदि सब संचालित होते हैं। 

जल की महत्वता का अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि जल के ना होने या कमी होने से समाज में लड़ाई दंगे होते रहते हैं। प्रत्येक चुनावों में जल को सामाजिक मुद्दों में शामिल किया जाता है, कई देशों में जल बंटवारे के लिए बहस होती रहती है। इससे जल संरक्षण का महत्व बढ़ जाता है।

जल संरक्षण का अर्थ

जल संरक्षण से मतलब यह है कि हमें जल को किस प्रकार से बचाना चाहिए क्योंकि हमारी पृथ्वी पर पीने योग्य एवं फसल योग्य जल की उपलब्धता बहुत ही सीमित है। जल को संरक्षण करने के लिए हमें अपने बाग बगीचे में फव्वारा पद्धति का उपयोग करना चाहिए। 

जल के रिसाव को रोकने के लिए पाइपलाइन एवं नलों को ठीक से जोड़ना चाहिए। हमें कपड़े धोने के लिए बाल्टी का इस्तेमाल करना चाहिए ना कि सीधे खुले नल का, जिससे पानी की बचत होती है । 

जल सरंक्षण के उपाय

जल को संरक्षण करने के लिए हमें हमारे छत पर से बरसात के मौसम में पाइप के रास्ते जमीन पर पक्का खड्डा बनवा कर उसको काम में लेना चाहिए क्योंकि वर्षा का जल बहुत ही उपयोगी होता है, वर्षा का जल पीने योग्य वन मीठा होता है।

कई इलाकों में जहां खारे पानी की समस्या रहती है, वहां पर बरसात का पानी पीने में उपयोग लेना चाहिए। इस तरह के प्रबंधन होने से  बरसात के पानी, जो व्यर्थ ही रास्तों गलियों  इत्यादि में बह जाता है उसका प्रबंधन  किया जा सकता है एवं उपयोग में लिया जा सकता है। 

जल संरक्षण के लाभ

जल का संरक्षण होने से भूमि का जल स्तर बढ़ जाता है। वर्षा से उपलब्ध जल का उपयोग हम पीने का पानी एवं कपड़े धोने के लिए एवं फसलों में देने के लिए कर सकते हैं। वर्षा जल  फसलों में किसी वरदान से कम नहीं है एवं इससे फसल अच्छी होती है। 

कपड़े धोने के लिए मशीन का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे पानी का कम खर्च हो। होली का त्योहार मनाने के लिए सूखा रंग लगाना चाहिए जोकि पानी के लिए भी एवं शरीर के लिए भी सुरक्षित होगा। हमें बगीचे एवं फसल में पानी देने का समय सायं काल या प्रातः काल में सिंचित करना चाहिए क्योंकि दोपहर के समय में वाष्पीकरण होता है जिससे ना तो पौधों को सही तरह से पानी मिलता है एवं पानी का भी नुकसान होता है।

पृथ्वी पर उपयोगी जल को बचाने के लिए हमें नदियों को स्वच्छ रखना बहुत ही आवश्यक है। कई फैक्ट्रिया उत्पादन के बाद बच रहे रसायनिक तत्व जो कि हानिकारक होते हैं को नदियों में मिला देती हैं इससे नदियां प्रदूषित होती है एवं इस प्रदूषण से पीने का पानी भी खराब हो जाता है। खराब पानी पीने से बीमारी का खतरा हो जाता है। इससे जल में रहने वाले मछलियां और जीव जंतु का नुकसान होता है इसलिए नदियों का पानी हमें हमेशा स्वस्थ रखना चाहिए। गंदा पानी पीने से कई बीमारियां हो जाती हैं।

स्वच्छ गंगा मिशन के तहत सरकार ने गंगा नदी को पवित्र करने के लिए अभियान चलाया है जो कि एक बहुत ही सराहनीय कदम है। ऐसे ही प्रयास हमें भी अपने घर एवं आसपास होने वाले जलभराव को रोकना चाहिए एवं व्यर्थ बह रहे पानी को रोकना चाहिए।

Conclusion Essay On Water Conservation In Hindi

अतः दोस्तों, प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके एवं सभी को जल उपलब्ध हो सके, इसके लिए जल संरक्षण के महत्व को समझना होगा एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देना होगा। जिससे की हमें खुशहाल एवं स्वस्थ जीवनशैली की ओर अग्रसर हो सके।तो आशा करते है आपको यह “जल संरक्षण पर निबंध (Essay On Water Conservation In Hindi)” पसन्द आया होगा।


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