ग्राम पंचायत मनरेगा की जानकारी MGNREGA INFORMATION IN HINDI 2020

मनरेगा भारत के एक बहुत बड़ी व्यापक योजना है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 100 दिन रोजगार गारंटी दी जाती है। आज इस आर्टिकल में हम ग्राम पंचायत मनरेगा की जानकारी आपको देने जा रहे हैं जिसमें आप जानेंगे कि आप इस योजना के लिए किस प्रकार अप्लाई कर सकते हैं और 100 दिन रोजगार गारंटी योजना का लाभ उठा सकते हैं।

MGNREGA की फुल फॉर्म क्या है? ( What is the full form of MGNREGA )

मनरेगा की जानकारी देने से पहले हम जानते हैं कि इस की फुल फॉर्म क्या है?

ग्राम पंचायत मनरेगा की जानकारी

MGNREGA : ग्राम पंचायत मनरेगा की जानकारी

मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम है।इसका शुभारंभ 2 फरवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के जिले अनंतपुर ग्राम बदला पल्ली से हुआ था।

MGNREGA में किस तरह से अप्लाई करें ( How to apply in MNREGA )

मनरेगा भर्ती 2020महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ( MNREGA ) के तहत अप्लाई करने के लिए कोई भी वर्ग का व्यक्ति इच्छुक उम्मीदवार अप्लाई कर सकता है। मनरेगा हर साल विभिन्न जॉब्स की अधिसूचना जारी करता है।कोई भी इच्छुक उम्मीदवार जो मनरेगा में अप्लाई करना चाहता हैै , वह ऑनलाइन या ऑफलाइन अप्लाई कर सकता है।

दिए हुए फ़ोटो को डाउनलोड करें और आवेदन पत्र को देखे। यहां से आप मनरेगा के लिए आवेदन कर सकते हैं

मनरेगा रोजगार आवेदन पत्र

मनरेगा क्या है? ( What is MGNREGA )

MNREGA KYA HAI?
MNREGA KYA HAI?

5 सितंबर 2005 को भारत के राष्ट्रपति की सहमति से एक नई नीति अस्तित्व में आई जिससे भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में काम किया। इसकी शुरुआत “नरेगा” नाम से हुई , जो राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के लिए खड़ा था और एक अतिरिक्त पत्र “एम” अर्थात मनरेगा – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम बनाया गया था.

मनरेगा एक रोजगार योजना है जो हर साल उन परिवारों को 100 दिनों के भुगतान किए गए काम की गारंटी देकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है।जिसमे वयस्क सदस्य अकुशल श्रम-ग्रहण कार्य का विकल्प चुनते हैं।

इतिहास:-

तीन साल के अवलोकन के बाद , सरकार ने जवाहर रोजगार योजना , भोजन के लिए कार्य कार्यक्रम , संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना जैसी योजनाएं शुरू की है।

यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के पूर्ववर्ती थे , जो एक कानूनी शीर्षक था।यह अधिनियम पहली बार महाराष्ट्र में 1970 में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाईक द्वारा शुरू किया गया था । नरेगा अधिनियम के परिणाम स्वरुप लाखों किसान परिवारों के लिए एक वरदान था। इस अधिनियम को योजना आयोग ने स्वीकार किया और बाद में देशव्यापी स्वीकार किया गया।

इस तरह के कृत्यों ने सरकार को ‘Man रूरल मैन पावर प्रोग्राम ” क्रैश स्कीम फॉर रूरल एंप्लॉयमेंट ‘ ,सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम, Program सीमांत किसान और कृषि मजदूर योजना ‘के बारे में सरकार को सबक दिया ।

मजदूरी रोजगार, मूल्यवान संपत्ति का उत्पादन और खाद्य सुरक्षा के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, सरकार पुरानी योजनाओं की कमियों को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करती है। मनरेगा उसी के परिणामों में से एक है।

प्रमुख विशेषताएं :

  1. एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के लिए सभी वयस्क सदस्यों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना
  2. सड़क, तालाब, कुएं जैसे स्थाई धन का सृजन करना
  3. आवेदकों के निवास में 5 किलोमीटर की दूरी के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है
  4. न्यूनतम मजदूरी प्रदान की जाएगी !
  5. यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा !

हाईलाइट :

  1. 1 अप्रैल 2008 तक इस अधिनियम ने भारत के सभी जिलों को कवर किया !
  2. ग्रामीण विकास का तार के उदाहरण वह है जिसे विश्व बैंक ने 2014 की विश्व विकास रिपोर्ट के अनुसार इस अधिनियम की संज्ञा दी थी !
  3. इस अधिनियम को ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित किया जाता है !
  4. श्रम गहन कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है !
  5. महिला सशक्तिकरण पर्यावरण संरक्षण सामाजिक समानता को बढ़ावा देना नरेगा अधिनियम के तहत आने वाले क्षेत्र हैं !
  6. अधिनियम प्रभावी और कुशल प्रबंधन और अपनी नीतियों के कार्यान्वयन की सुरक्षा करता है !
  7. अधिनियम अपनी गतिविधियों का एक वास्तविक पारदर्शी विनियमन भी सुनिश्चित करता है !

मनरेगा के पहले चरण में राजस्थान के कितने जिले शामिल थे ? ( How many districts are add in MGNREGA firt time )

मनरेगा के पहले चरण में दोस्तों में 200 में राजस्थान के 6 जिले इसमें शामिल थे

उन 6 जिलों का नाम इस प्रकार है।

  1. झालावाड़
  2. उदयपुर
  3. डूंगरपुर
  4. बांसवाड़ा
  5. करौली
  6. सिरोही

राजस्थान के 6 जिलों में से शुरू के जो पहले जिले में इस चरण की शुरुआत हुई थी,वह उदयपुर था। उदयपुर जिले के झाडोल पंचायत समिति के माकड़ा देव ग्राम पंचायत से हुई।

दूसरा चरण में 1 अप्रैल 2007 को 113 जिलों में और शुरू हुआ लेकिन 15 मई 2007 को और 13 जिले इसमें शामिल किए गए और दूसरे चरण में भी राजस्थान में 6 जिलों में यह और शुरू हुआ। उन सभी के नाम इस प्रकार है।

  1. बाड़मेर
  2. जैसलमेर
  3. चित्तौड़गढ़
  4. सवाई माधोपुर
  5. टॉक
  6. जालौर

तीसरे चरण में 1 अप्रैल 2008 को यह संपूर्ण भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हो गया था और इसी के साथ प्रतिवर्ष मनरेगा दिवस आता है जो 2 फरवरी को मनाते है

Conclusion Of MGNREGA INFORMATION RAJASTHAN ग्राम पंचायत मनरेगा की जानकारी

तो यह थी ग्राम पंचायत मनरेगा की जानकारी , आप इसे शुरू से एंड तक जरूर पढ़ें और समझें। इसमें आपको अधिकतर सवालों के जवाब मिल जाएंगे ।

साथ ही अगर आपको इसमें अप्लाई करना है तो ऊपर लिंक दिया हुआ है आप उस पर क्लिक करें और उस फॉर्म को डाउनलोड करें और आप उस फॉर्म को बाहर निकलवा कर ऑफलाइन भी भर सकते हैं।

साथ ही इसमें हमने मनरेगा के बारे में पूरी डिटेल्स दी है कि इसकी कितने चरण में कौन कौन से चरण में किस जिले में सर्वप्रथम किस जिले में शुरू हुआ राजस्थान के अंदर ।

इन सभी तरह की जानकारियां दी है जो आपके लिए आवश्यक है और इसमें बताया गया है कि पूर्ण रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में यह कितनी तारीख को कौन से सन में लागू हुआ और इसका नाम नरेगा से मनरेगा क्यों रखा गया? इन सभी प्रकार की जानकारी इस में दी हुई है ।

यह प्रति वर्ष 100 दिन की जॉब गारंटी देता है जिसमें किसी भी वर्ग का व्यक्ति जो कार्य करने की इच्छा रखता हो वह सभी इस में अप्लाई कर सकते हैं और 100 दिन का गारंटी जॉब में लाभ पा सकते हैं।


Related Posts

   
About Kavish Jain

में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।

Leave a Comment