मनोविज्ञान की उत्पत्ति, विकास ,परिभाषा व अवधारणा (Origin, Definition and Concept of Psychology In Hindi)

आज से हम ब्लॉग पर मनोविज्ञान के बारे में संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं जो कि किसी भी

 शिक्षक भर्ती एग्जाम के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट है तो आज इस आर्टिकल में हम मनोविज्ञान की उत्पत्ति, विकास, मनोविज्ञान की परिभाषा व मनोविज्ञान की अवधारणा (Psychology Notes In Hindi) के बारे में बात करेंगे।

मनोविज्ञान की उत्पत्ति, विकास ,परिभाषा व अवधारणा (Origin, Definition and Concept of Psychology In Hindi)

मनोविज्ञान की उत्पत्ति, विकास ,परिभाषा व अवधारणा (Origin, Definition and Concept of Psychology In Hindi)

मनोविज्ञान की उत्पत्ति

कई शताब्दियों तक मनोविज्ञान “दर्शन शास्त्र” का विषय रहा है।

मनोविज्ञान एक विस्तृत विषय है जिसकी शुरुआत ईस्वी पूर्व पांचवी सदी में सुकरात ने की थी उन्होंने कहा था कि “व्यक्ति को अपने आप बारे में सोचना चाहिए”।

प्लेटों (ईस्वी पूर्व 5वी सदी से ईस्वी पूर्व 4वी सदी) :- इन्होंने मनोविज्ञान को आत्मा से जोड़ा और बताया कि आत्मा ही परमात्मा है। 

Note:- कोलसनिक एक मात्र ऐसे विद्वान थे जिन्होंने प्राचीन मनोविज्ञान का जनक प्लेटो को माना है।

अरस्तु ( ईस्वी पूर्व 384 से 322 तक) :- अरस्तु ने मनोविज्ञान को दर्शनशास्त्र से जोड़ा और इसे आत्मा का अध्ययन के रूप में परिभाषित किया इन्हें प्राचीन मनोविज्ञान का जनक अरस्तु को माना जाता है।

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मनोविज्ञान का विकास

  • PSychology (साइकोलॉजी) शब्द Psychologia से निकला है। 
  • Psychology शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। Psycho + Logas जहाँ Psycho का मतलब है “आत्मा का ” व Logas का मतलब है ” अध्ययन” अर्थात आत्मा का अध्ययन।
  • साइको एक ग्रीक/ यूनानी शब्द है।

मनोविज्ञान की उत्पत्ति होने के साथ मनोविज्ञान के विकास को चार चरणों में बाँटा गया है।

आत्मा का अध्ययन 

(ईस्वी पूर्व 4सदी से 16 वी सदी तक)

मनोविज्ञान को आत्मा के अध्ययन के तहत ईस्वी पूर्व चौथी शताब्दी से लेकर सोलह वीं शताब्दी तक रखा गया।

प्रस्तुतकर्त्ता :- अरस्तु

समर्थक :- प्लेटों, हिप्पोक्रेट्स, रुडोल्फ गोइक्ले ,देकार्ते 

देकार्ते (1596 से 1650 तक) : भौतिक शास्त्र व दर्शन शास्त्र के ज्ञाता।

 आत्मा के अध्ययन का विरोध:-

  1. आत्मा क्या है?
  2. आत्मा कैसी है?
  3. आत्मा का स्वरूप कैसा है?
  4. आत्मा कहां है?

 उपयुक्त प्रश्नों का के सवालों का जवाब नहीं मिलने के कारण यह अभिप्राय अमान्य हो गया।

 मन / मस्तिष्क का विज्ञान

(17 वी सदी में)

प्रस्तुतकर्त्ता :- पोम्पोनोजी (इटली)

समर्थक:- हॉप्स ,लोग , कान्ट , स्पिनोजा

 मन दो प्रकार के होते हैं –

  • आंतरिक मन
  • बाह्य मन

यहा मन को दिल से व मस्तिष्क को दिमाग से जोड़ा गया है।

चेतना का विज्ञान

  • 19 वी सदी में आया।
  • सबसे कम समय तक प्रचलित रहा।
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प्रस्तुतकर्त्ता :- विलियम जेम्स, विलियम वुन्ट

“चेतना ही जीवन है व जीवन ही चेतना है”

समर्थक :- विलियम टीचनर , जेम्स सली चैडविक , विलियम वाइव्स

चेतना का विज्ञान अभिप्राय समाप्ति के कारण –

  1. 1900 ईस्वी के आसपास विलियम मैकडुग्ल ने “The Outline Of Psychology” नामक पुस्तक में लिखा कि ” में Psychology का दुर्भाग्य मानता हूं कि लोग इसे चेतना के रूप मे परिभाषित करते है।
  2. 1900 ईस्वी में सिग्मंड फ्रायड का सिद्धान्त – “मनोविश्लेषण वाद” के अनुसार बर्फ के टुकड़ो के आधार पर बताया कि मनुष्य का चेतन रूप केवल 10% है जबकि अचेतन व अर्धचेतन भाग 90% है।

विलियम वुन्ट :- इन्होंने सबसे पहले 1879 ईस्वी मनोविज्ञान की पहली व्यवस्थित प्रयोगशाला ,जर्मनी के लिपजिंग नामक स्थान पर कार्ल मार्क्स विश्वविद्यालय की स्थापना की।

प्रयोगात्मक मनोविज्ञान की शुरुआत इनके कार्यों से सबसे पहले होने के कारण , इन्हें प्रयोगात्मक मनोविज्ञान का जनक भी कहा गया।

विलियम जेम्स :- यह अमेरिकी विद्वान थे। इन्होंने मनोविज्ञान को दर्शन शास्त्र से अलग करते हुए एक स्वतंत्र पुस्तक 1890 में “द प्रिंसिपल ऑफ सायकोलॉजी” लिखी इसलिए ये “आधुनिक मनोविज्ञान के जनक” कहलाये।

अमेरिका में मनोविज्ञान का प्रचार प्रसार करने के कारण अमेरिकी मनोविज्ञान के जनक भी माने गए।

व्यवहार का अध्ययन

  • 20 वी सदी के प्रारंभ से अब तक प्रचलित
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प्रस्तुतकर्त्ता :- जे.बी वाटसन (अमेरिकी)

समर्थक – पावलाव , थोर्नडाइक, हल ,कोलसनिक ,स्किनर ,वुडवर्थ , विलियम मैकडुग्ल आदि।

जे. बी वाटसन ने ही कहा था – ” तुम मुझे एक बालक दे दो ,में उसे कुछ भी डॉक्टर, इंजीनियर ,शिक्षक, चोर बना सकता हूँ”।

  • वाटसन को 20 वी सदी का चमकता सितारा मनोवैज्ञानिक कहा जाता है।
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आ – आत्मा का अध्ययन
म – मन / मस्तिष्क का विज्ञान
च – चेतना का विज्ञान
व – व्यवहार का अध्ययन

मनोविज्ञान की परिभाषा 

मनोविज्ञान ने सबसे पहले अपनी आत्मा का ,इसके बाद मन का तथा फिर चेतना का त्याग किया और अब व्यवहार के स्वरूप को अपनाता है। – वुडवर्थ

मनोविज्ञान की अवधारणा

वर्तमान समय मे मनोविज्ञान व्यवहार का अध्ययन है।

  • मनोविज्ञान व्यवहार का सकारात्मक विज्ञान/अध्ययन है। – वाटसन
  • मनोविज्ञान सामाजिक वातावरण में होने वाले मानव व्यवहार का अध्ययन है। – वुडवर्थ
  •  मनोविज्ञान मानव प्रकृति का विज्ञान है – बोरिंग
  • मनोविज्ञान व्यवहार एवं आचरण का यथार्थ विज्ञान है – मैकडुग्ल
  •  मनोविज्ञान जीवित प्राणियों का वातावरण के साथ होने वाले व्यवहार का अध्ययन है – मरफी

तो दोस्तो आज हमने इस आर्टिकल में  मनोविज्ञान की उत्पत्ति, विकास, मनोविज्ञान की परिभाषा व मनोविज्ञान की अवधारणा (Psychology Notes In Hindi) के बारे में जाना है।

में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।


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