पालनहार योजना राजस्थान 2020 – पात्रता ,दस्तावेज, आवेदन, फॉर्म

पालनहार योजना राजस्थान 2020

1.पालनहार योजना क्या है?

पालनहार योजना का शुभारंभ राज्य सरकार द्वारा राज्य के अनाथ बच्चों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।इस योजना के द्वारा राज्य के अनाथ बच्चों को लाभ पहुंचाया जाता है।

इस योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों के पालन पोषण एवं शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।इस योजना के अंतर्गत उन विधवा महिलाओं को सहायता पहुंचाई जाती है जिनके पति की मृत्यु हो गई हो और उसके परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य नहीं है।इस योजना के अंतर्गत 18 साल से छोटे बच्चों को भी सहायता प्रदान की जाती है।

इस योजना के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग के द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

यह योजना 8 फरवरी 2005 को लागू की गई, इसमें अनुसूचित जाति के अनाथ बच्चों को लाभ दिया जाना था लेकिन इस योजना में समय-समय पर संशोधन करके निम्न श्रेणियों को जोड़ा गया।

इस योजना के बारे में विस्तार से जानने के लिए आगे दिए गए कंटेंट को पढ़िए।

पालनहार योजना राजस्थान की जानकारी
पालनहार योजना राजस्थान 2020

2. इस योजना में आवेदन कौन कौन कर सकता है? इस योजना के लिए पात्र बच्चों की सूची

  • अनाथ बच्चे
  • न्याय प्रक्रिया से मृत्युदंड या आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता की संतान
  • निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता की अधिकतम तीन संतान हो।
  • पुनर्विवाहित विधवा माता की संतान
  • विकलांग माता-पिता की संतान
  • तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला की संतान
  • कुष्ट रोग से पीड़ित माता-पिता की संतान।
  • एड्स पीड़ित माता / पिता की संतान
  • नाता जाने वाली माता की अधिकतम तीन संताने

3. इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली अनुदान राशि

  • जीरो से 5 वर्ष तक के बच्चे को ₹500 प्रतिमाह।
  • 6 साल से 18 साल तक के बच्चे को ₹1000 प्रति माह।
  • इसके अतिरिक्त वस्त्र जूते स्वेटर एवं अन्य आवश्यक वस्तु हेतु ₹2000 सालाना 

पालनहार योजना में आवेदन करने पर इसका लाभ संबंधित ब्लाक के सामाजिक सुरक्षा अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जाता है।

4. पालनहार योजना राजस्थान के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • संतान का आधार कार्ड।
  • परिवार का जनाधार कार्ड।
  • राशन कार्ड।
  • बैंक डायरी।
  • बच्चे का आंगनबाड़ी या विद्यालय में अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र।
  • मूल निवास प्रमाण पत्र।
  • जाति प्रमाण पत्र।
  • पालनहार का आधार कार्ड।
  • मोबाइल नंबर।
  • संतान पासपोर्ट साइज की फोटो।

5. श्रेणी वार आवश्यक दस्तावेज

  1. अनाथ बच्चे – माता पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी
  2. आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे – दंड आदेश की प्रति
  3. पुनर्विवाह विधवा माता के बच्चे – पुनर्विवाह के प्रमाण पत्र की प्रति
  4. विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चे – विकलांगता का प्रमाण पत्र की प्रति
  5. तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चे – तलाकशुदा या परित्यक्ता पेंशन भुगतान आदेश की प्रति
  6. नाता जाने वाली माता के 3 बच्चे – नाता जाने का प्रमाण पत्र
  7. कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चों को सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है।
  8. एचआईवी पीड़ित माता-पिता के बच्चों को ए आर टी सेंटर द्वारा जारी एआरडी डायरी एवं ग्रीन कार्ड प्रस्तुत करना होता है।

6.पालनहार योजना राजस्थान में आवेदन कैसे करें?

इस योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक को अपनी पात्रता जांच कर सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट डिपार्टमेंट की वेबसाइट से पालनहार योजना का फॉर्म डाउनलोड करना होगा।

उसके बाद उस फोरम में दी गई जानकारी को भरना होगा। उसके बाद फोरम भरने के बाद आवेदन फॉर्म के साथ सभी दस्तावेज को संलग्न करना होगा।

सभी दस्तावेजों को संलग्न करने के बाद आवेदन अपने नजदीकी मित्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और अपनी सही जानकारी करनी होगी।

7. पालनहार योजना में भुगतान की स्थिति कैसे देखें?

जिन भी लाभार्थियों ने पालनहार योजना के अंतर्गत आवेदन किया है।वह अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें।

Sje.rajasthan.gov.in/palanhaar_status.aspx

अपनी भुगतान की स्थिति देखने के लिए सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट डिपार्टमेंट की साइट पर जाकर भी अपने आवेदन की स्थिति चेक कर सकता है।

आवेदन में किसी भी प्रकार की कमी होने पर उसे ई-मित्र की सहायता से पूरा किया जा सकता है। आवेदक अपनी सभी जानकारी सही तरीके से भरें ताकि फोरम चेक करने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो और फोरम सही तरीके से चेक हो जाए।

पालनहार योजना में नाम जुड़वाने के लिए संबंधित ईमित्र पर जाकर अपनी संतान का आधार कार्ड से, भामाशाह कार्ड से नाम जुड़वा सकते हैं।

Conclusion On पालनहार योजना राजस्थान 2020

पालनहार योजना राजस्थान सरकार की एक प्रमुख योजनाओं में से हैं। इस योजना के अंतर्गत बचत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है। सरकार इस योजना को अपनी प्रमुख योजना मानकर चलती है। इस योजना के अंतर्गत आवेदक को भुगतान के लिए किसी प्रकार की देरी नहीं होती है।माह खत्म होते ही भुगतान कर दिया जाता है।

   

में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।

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