Essay On Rainy Season In Hindi 2021 वर्षा ऋतु पर निबंध

Essay On Rainy Season In Hindi वर्षा ऋतु पर निबंध

बरसात का मौसम जहाँ एक और Couples को Romantic सा फील होता है वही दूसरी ओर Singles को सिर्फ इस मौसम में कीचड़ व परेशानियां नजर आती है।ऐसे ही वर्षा ऋतु पर आज हम निबंध ( Essay On Rainy Season In Hindi) लिखने जा रहे है जो आपको इस मौसम की खासियत व महत्व से रूबरू करवाएगा।

Essay On Rainy Season In Hindi For Class 1 -12 – वर्षा ऋतु पर निबंध

Essay On Rainy Season In Hindi
Essay On Rainy Season In Hindi

हमारा देश कृषि आधारित देश है इसलिए इस देश में वर्षा का होना बहुत जरूरी है। जब किसी वर्ष में वर्षा कम होती है तो हमारे देश की हालत बहुत खराब हो जाती है, वर्षा ना होने से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होता है।

बारिश के बिना हमारे जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है क्योंकि बारिश से ही हमें पीने के लायक जल प्राप्त होता है। जब मानसून आता है तो उससे पूर्व भीषण गर्मी चलती है और लू चलती है। वर्षा ऋतु आने के बाद चारों तरफ खुशहाली व हरियाली छा जाती है, मानो ऐसा लगता है धरती ने हरी चुनरी ओढ़ ली हो। हर तरफ ठंडी ठंडी हवाएं चलने लगती है, खेतों में फसल लहराव जाती है। किसानों के मुरझाए हुए चेहरे खिल जाते हैं और बच्चे भी बारिश का आनंद लेते हैं।

बारिश का मौसम अन्य मौसमों की अपेक्षा में सबसे सुहाना मौसम होता है। यह मौसम सब को अच्छा लगता है, बारिश के मौसम में मोर मोरनी नाचने लग जाते हैं।

हमारे देश में वर्षा ऋतु जुलाई माह से प्रारंभ हो जाती है जो कि अक्टूबर के अंत तक होती है। गर्मियों के मौसम से झुलसा देने वाली गर्मी के बाद सभी लोग बड़ी बेसब्री से वर्षा ऋतु का इंतजार रहता हैं। हमारे देश के किसान वर्षा ऋतु के इंतजार में गर्मी के मौसम  के खत्म होते होते हर समय आसमान की तरफ टकटकी लगाए देखता रहता है कि कब इस भीषण गर्मी से राहत की सांस मिलेगी और हमारे खेत में फसल उगना शुरू होगा।

वर्षा ऋतु किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि किसान इस समय अपनी खरीफ की फसल बोते हैं और बारिश आते ही किसानों का मन प्रफुल्लित हो उठता है, उनके चेहरों पर खुशी दिखाई देती है। 

गर्मी के कारण सूखे पेड़ पौधे भी वर्षा ऋतु के आने पर खिल जाते हैं, सूखी हुई नदियां, तालाब, बांध, बावरिया आदि जल से लबालब भर जाती है। धरती की प्यास भी बुझ जाती है और भूजल का स्तर ऊंचा उठ जाता है। वर्षा ऋतु से सभी जीवो को राहत की सांस मिल जाती है।

मानसून के दिनों में आसमान में छाय हुए काले सफेद बादल पानी लिए इधर से उधर दौड़ लगाते हैं, काली घटाओं में बिजली का चमकना भी बहुत अच्छा लगता है। 

वर्षा ऋतु में हमें इंद्रधनुष दिखाई देता है जिससे हमें सात रंग प्रकट होते हैं, जिसे देखकर सभी जीव जंतु  मनुष्य आदि के मन को प्रसन्न कर देते हैं।

एक तरफ जहां गर्मियों के कारण बच्चे घर से बाहर निकलना बंद कर देते हैं वहीं दूसरी तरफ जब वर्षा ऋतु की पहली बारिश होती है तो बच्चे बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई देते हैं क्योंकि वह बारिश के मौसम में बाहर निकलना चाहते हैं। 

वर्षा ऋतु का मौसम गर्मी के बाद आता है जो भारत में मुख्य रूप से सावन भादो के महीनों में सबसे ज्यादा रहता है।

हमारा देश गरम प्रांतीय श्रेणी में आता है इसलिए यहां पर अधिक गर्मी पड़ती है। इस कारण गर्मियों से नदियों के पानी का अभाव हो जाता है एवं हमारे देश में पानी की उपलब्धता बहुत कम हो जाती है। इस कारण से भी हमारे देश में वर्षा ऋतु का महत्व बढ़ जाता है। हमारा देश कृषि प्रधान देश होने के कारण यहां पर वर्षा ऋतु की बहुत ही आवश्यकता है। जब बारिश हो जाती है तो देश के हर राज्य में खेतों में फसल लैहलहा उड़ती है, चारों तरफ हरियाली छा जाती है।

वर्षा ऋतु का लाभ सभी को मिलता है। वर्षा ऋतु के कारण पूरा पर्यावरण शुद्ध हो जाता है, पर्यावरण में फैक्ट्री, गाड़ी के धुएं से जो धूल मिट्टी प्रदूषण होती है, बरसात के साथ ही नीचे जमीन पर आ जाती है। वर्षा ऋतु के कारण किसानों को बहुत लाभ होता है। वर्षा ऋतु के आने से पहले किसान अपने खेतों में निराई गुड़ाई आदि का कार्य शुरू कर देते हैं जिससे फसल के लिए तैयारी हो सके, यह सब इतना आसान नहीं होता क्योंकि उस समय भयंकर गर्मी और लू चलती है। किसान प्रचंड गर्मी और लू में दिन भर मेहनत करता है और फिर आसमान की तरफ टकटकी लगाकर देखता है कि कब बादल आएंगे, कब बारिश होगी।

वर्षा ऋतु की वजह से हमारे पर्यावरण का संतुलन भी बना रहता है। अगर वर्षा ऋतु नहीं आएगी या बारिश नहीं होगी तो चारों तरफ त्राहि-त्राहि मच जाएगी और पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा और जीव-जंतुओं के लिए चारे पानी की व्यवस्था भी नहीं होगी। बारिश की वजह से जीव जंतुओं के लिए चारे पानी की व्यवस्था भी हो जाती है। 

भयंकर गर्मी होने की वजह से सभी पेड़ पौधे व घास सूखने लग जाते है। पानी के अभाव में तालाब, नदियां भी सूख जाती है जिसके कारण जीव जंतुओं को खाने के लिए कुछ नहीं मिलता। पीने के लिए भी पानी नहीं मिलता। इस कारण बारिश की अति आवश्यकता हो जाती है। 

वर्षा ऋतु का महत्व

हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए यहां पर ज्यादातर लोग कृषि पर ही निर्भर है। जिस वर्ष अच्छी वर्षा नहीं होती है उस वर्ष वस्तुओं के दाम बढ़ जाते हैं और व्यापार धीमी गति से चलता है और महंगाई भी बढ़ जाती है इसलिए एक व्यापार में संतुलन बनाए रखने के लिए वर्षा ऋतु का महत्व बहुत है।

वर्षा ऋतु के लाभ व हानि

कई बार वर्षा ऋतु से कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती है जैसे अतिवृष्टि हो जाने की वजह से कई जगह बाढ़ की संभावना हो जाती है इस वजह से जन-धन की हानि होती है। कई प्रकार की मौसमी बीमारी हो जाती है और अत्यधिक तेज वर्षा होने के कारण भूमि का कटाव भी हो जाता है और हमारी उपजाऊ मिट्टी लेकर चली जाती है। 

वर्षा ऋतु आने के बाद भारत में जैसे त्योहारों की बाढ़ सी आ जाती है। वर्षा ऋतु के साथ-साथ हमारे देश में तीज का त्यौहार, रक्षाबंधन का त्योहार, दिवाली का त्यौहार शुरू हो जाता है। वर्षा ऋतु के बाद भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहार तीज, रक्षाबंधन, दिवाली के साथ खेतों में लहराती हुई फसल बहुत ही मन को प्रसन्न कर देती है।

Conclusion Essay On Rainy Season In Hindi

तो आज हमने इस आर्टिकल पर बरसात के सुहावने मौसम वर्षा ऋतु पर निबंध लेखन (Essay On Rainy Season In Hindi) किया है।


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