महिला सशक्तिकरण पर निबंध – Essay On Women Empowerment In Hindi (500 Words)

नमस्कार दोस्तों आज आपके लिए महिलाओं से संबंधित बहुत ही अच्छा निबंध “महिला सशक्तिकरण पर निबंध (Essay On Women Empowerment In Hindi)” के बारे में बताने जा रहै है। इसमें “महिला सशक्तिकरण से मतलब यह है कि महिला अपने व्यक्तित्व विकास एवं खुद के फैसले ले सके एवं परिवार और समाज के किसी भी दबाव से मुक्त होकर अपना स्वतंत्र जीवन जी सके”।

महिला सशक्तिकरण पर निबंध (Essay On Women Empowerment In Hindi)

Essay On Women Empowerment In Hindi
Essay On Women Empowerment In Hindi

महिलाओं को आधी आबादी भी कहा जाता है क्योंकि जनसंख्या के हिसाब से भी उनकी आबादी आधी है एवं घर की पारिवारिक जिम्मेदारी एवं आर्थिक जिम्मेदारी भी में भी बराबर साथ निभाती है।

पूर्व से ही हमारा समाज पुरुष प्रधान होने की वजह से महिलाएं  विभिन्न परिस्थितियों में अपने परिचितों  या समाज से अत्याचार, घरेलू हिंसा, शारीरिक हिंसा, लड़की की भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, बाल विवाह आदि की शिकार होती आई है। जिससे महिलाओं का शोषण हुआ है। 

इस तरह लड़की को परिवार में बोझ समझा जाता था एवं लड़के को परिवार के लिए कमाई के रूप में समझा जाता था। अभी भी वर्तमान में यह बुराइयां हमारे देश में काफी हद तक देखी जा सकती है। जिससे इस प्रकार से महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के कारण देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को सामाजिक आर्थिक मोर्चे पर पिछड़ना पड़ा, इससे राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक हितों की हानि हुई।

महिलाओं को इन बुराइयों और अपने आपको सशक्त करने के लिए संविधान में समानता का अधिकार दिया हुआ है। महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार को रोकने के लिए हमारा संविधान एवं सरकार कई कदम उठा रही है जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है जिससे बेटियों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाया जा सके और लैंगिक भेदभाव को मिटाया जा सके एवं भ्रूण हत्या को रोका जा सके।

जब एक महिला को सशक्त किया जाता है तो उसका परिवार भी सशक्त होता है और इस तरह समाज भी सशक्त होता है जिससे राष्ट्र का आर्थिक एवं सामाजिक निर्माण होता है। क्योंकि जब एक महिला खुद शिक्षित होती है तो वह अपने बच्चों को भी अच्छा शिक्षा प्रदान करने का भरपूर प्रयास करती है। इसलिए महिलाओं को खुद के अधिकारों के प्रति जागरूक एवं शिक्षित होना बेहद आवश्यक है। बालिका शिक्षा के लिए सरकार निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में राजकीय विद्यालय में बालिकाओं का नामांकन बढ़ाने हेतु प्रयासरत है। 

बीबीबीपी (बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) योजना के तहत राष्ट्रीय जिला एवं ब्लॉक स्तर पर बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करती है। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 / 181 पर जरूरत पड़ने पर लड़कियां इनका उपयोग कर सकती हैं।

महिलाओं के प्रति अत्याचार जैसे सती प्रथा को रोकने के लिए समाजसेवी राजा राम मोहन रॉय के अथक प्रयासों से इस कुप्रथा को रोका गया था। महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सुधारों के लिए स्वामी विवेकानंद, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, अन्य ने भी सराहनीय काम किए हैं।

महिलाओं के प्रति सुधारो जैसे विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856, दहेज रोकथाम अधिनियम 1961, अनैतिक व्यापार, रोकथाम अधिनियम 1956, सामान पारिश्रमिक नियम 1976, बाल विवाह रोकथाम नियम 2006 लिंग परीक्षण नियम 1994 , पीसीपीएनडीटी और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पोक्सो),  कार्यस्थल पर महिलाओं का शोषण नियम 2013 को लागू करने से महिलाओं को कानूनी अधिकार प्राप्त होने से अपना नया जीवन शुरू करने में सहायता प्राप्त हुई। 

Conclusion On Essay On Women Empowerment In Hindi

इस निबंध में हमने महिलाओ की शक्ति व अधिकारों को बताने के साथ उनके सशक्तिकरण पर ज़ोर दिया गया है।तो दोस्तों आपको “महिला सशक्तिकरण पर निबंध (Essay On Women Empowerment In Hindi)” कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताये।

   

में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।

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