पुरस्कार व दण्ड का अर्थ ,प्रकार ,लाभ एवं हानि (Reward And Punishment In Hindi)

आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि मनोविज्ञान में पुरस्कार एवं दंड का क्या महत्व है और पुरस्कार व दण्ड का अर्थ ,प्रकार ,लाभ एवं हानि (Reward And Punishment In Hindi) के बारे में भी जानेंगे।

पुरस्कार एवं दण्ड [Reward and punishment In Hindi] 

पुरस्कार व दण्ड का अर्थ ,प्रकार ,लाभ एवं हानि (Reward And Punishment In Hindi)
पुरस्कार व दण्ड का अर्थ ,प्रकार ,लाभ एवं हानि

पुरस्कार (Reward In Hindi)

अच्छे कार्य के लिए पुरुस्कार देकर प्रेरित करना चाहिए तथा पुरुस्कार देते समय इस बात का हमेशा ध्यान देना चाहिए कि किसी के साथ पक्षपात न हो। 

“किसी वांछनीय व्यवहार को सुखद सहचर्य से जोड़ना पुरस्कार है। – हरलोक महोदय “

पुररस्कार के प्रकार

भौतिक पुरस्कार

धन ,इनाम, मैडल, किताब, कॉफी, पेन आदि

सामाजिक पुरस्कार

उपाधि, प्रशंशा, पदोन्नति आदि । 

मूर्त पुरस्कार

प्रगति पत्र, छात्रवृत्ति, मेडल, पुस्तक आदि ।

अमूर्त पुरस्कार

प्रसंशा, कृपा आदि।

व्यक्तिगत पुरस्कार

जब किसी एक छात्र को दिया जाता है।

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सामूहिक पुरस्कार

टीम, टोली आदि जैसे क्रिकेट टीम को कप।

पुरुस्कार के लाभ

  1. अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन व प्रेरणा
  2. अन्य विद्यार्थियों के लिए सीख व प्रेरणा
  3. विद्यार्थियों में पूनर्बलन 
  4. वांछनीय व्यवहार को बढ़ाना

पुरस्कार से हानियां

  1. ईर्ष्या को बढावा।
  2. पुरस्कार पाने के लिए रट्टा मारने की प्रवृत्ति 
  3.  छात्र अध्ययन के उद्देश्य के स्थान पर केवल पुरस्कार प्राप्त करना चाहते है।

पुरस्कार देते समय सावधानियाँ

  1. निष्पक्ष ढंग से प्रदान किया जाये ।
  2. अच्छे कार्य के लिए तुरंत पुरस्कार देना चाहिए।
  3. समाज, विद्यालय तथा कक्षा हित में किये गये कार्यों के लिए दिया जाए।

दण्ड (Punishment In Hindi )

दण्ड एक नकारात्मक प्रेरक है।दण्ड बालक में भय, घृणा, उत्पन्न करता है।

दण्ड के प्रकार (Types Of Punishment In Hindi)

शारीरिक दण्ड

शारीरिक कष्ट देना जैसे कान खीचना, मुर्गा बनाना, वेत से मारना आदि।

आर्थिक दण्ड 

छात्र को अवांछित कार्य के लिए धनराशि देनी पड़ती है। जैसे- विलम्ब शुल्क।

मानसिक दण्ड 

अधिक ग्रह कार्य देना, एक पाठ को कई बार दोहराना।

मनोवैज्ञानिक दण्ड 

भावनाओं पर आघात करना। जैसे- अंक काट लेना।

सामाजिक दण्ड 

सामाजिक दृष्टि से कष्ट देना । बालक को कक्षा से निकाल देना, खेल में भाग न लेने देना।

दण्ड देते समय ध्यान देने योग्य बाते

  1. दण्ड अपराध के अनुरूप देना।
  2. शारीरिक दण्ड न देना।
  3. एक गलती के लिए एक बार दण्ड देना।
  4. दण्ड बदले की भावना से न देना।
  5. दण्ड में पक्षपात न करना ।
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दण्ड के लाभ

  1. अवांछनीय व्यवहार पर रोक 
  2. छात्र अनुसाशनहीनता नही करते हैं।
  3. अन्य विद्यार्थियों के लिए उदाहरण।

दण्ड से हानि

  1. दुश्मनी का होना।
  2. दण्ड से भी अपराध कम न होना।
  3. दण्ड में बदले की भावना

Note– सबसे बड़ा पुरस्कार – प्रंशसा है।

में अपने शौक व लोगो की हेल्प करने के लिए Part Time ब्लॉग लिखने का काम करता हूँ और साथ मे अपनी पढ़ाई में Bed Student हूँ।मेरा नाम कविश जैन है और में सवाई माधोपुर (राजस्थान) के छोटे से कस्बे CKB में रहता हूँ।


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